एरोप्‍लेन उड़ाने वाले सांसद, एंबुलेंस से करवा रहे हैं शराब की तस्‍करी : राजू दानवीर

283
0
SHARE

पटना : छपरा सांसद राजीव प्रताप रुडी के सांसद फंड से संचालित एम्बुलेंस में 280 लीटर देशी दारू बरामदगी पर जन अधिकार युवा परिषद के प्रदेश अध्‍यक्ष राजू दानवीर ने जोरदार हमला बोला है। उन्‍होंने कहा है कि एरोप्‍लेन उड़ाने वाले भाजपा सांसद अब बिहार में शराबबंदी के बीच एंबुलेंस से ही शराब की तस्‍करी करवा रहे हैं। इसके अलावा राजू दानवीर ने भाजपा सांसद के उन बातों का भी जवाब दिया, जो उन्‍होंने कोविड के समय एंबुलेंस छिपाकर रखने के मामले में दिए थे।

दानवीर ने कहा कि एंबुलेंस चोरी करने वाले सांसद ने कहा था कि एंबुलेंस का संचालन उनके लोग करते हैं। ऐसे में अगर एंबुलेंस की स्‍पीड बढ़ जाती है, तो उनके लोग उसे नियंत्रण भी करते हैं। उनके एंबुलेंस में तो जीपीएस लगा रहता है, तो क्‍या एंबुलेंस से शराब की तस्‍करी भी उनके लोग ही करवा रहे हैं? अब जब उनके नाम से अच्‍छादित एंबुलेंस से शराब की बड़ी खेप बरामद हुई है, तो कह रहे हैं कि एंबुलेंस का परिचालन पंचायत के जिम्‍मे है। ऐसे में सवाल उठता है कि फिर कोविड महामारी के समय, जब प्रदेश की जनता को एंबुलेंस की सख्‍त जरूरत थी, तब उन्‍होंने उसे किस ऑथरिटी से छुपा कर रखा था।

पप्‍पू यादव के युवा नेता ने कहा कि भाजपा सांसद ने एंबुलेंस चोरी कर जनता के सेवक श्री पप्‍पू यादव जी पर अपराध जैसे आरोप लगाए थे, तो उन्‍हें यह बताना चाहिए कि मरीजों के बने एंबुलेंस से बालू और शराब की तस्‍करी कौन सा ऋषि मुनियों वाला काम है। अगर ऐसा है तो क्‍यों नहीं वे अपनी मोदी सरकार को कानून की धज्जियां उड़ाने वाली सेवा को लेकर अपने लिए सम्‍मान की सिफारिश करते हैं?

दानवीर ने कहा कि भाजपा सांसद ने तब कहा था कि एंबुलेंस फ़िटनेस लाइसेंस, इंश्योरेंस और ड्राइवर की कमी के कारण खड़ी थीं, लेकिन शराब की तस्‍करी के लिए इनके एंबुलेंस को फ़िटनेस लाइसेंस, इंश्योरेंस और ड्राइवर की कमी क्‍यों नहीं हुई? ऐसे और भी कई बातें उन्‍होंने कही थी, जो विरोधाभाषी है और यह दर्शाता है कि सत्ता की आड़ में वे प्रदेश में कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इसलिए हम इसकी न्‍यायिक निश्‍पक्ष जांच और रूडी की अविलंब गिरफ्तारी की भी मांग करते हैं, जिसको लेकर कल 18 सितंबर को जन अधिकार युवा परिषद एंबुलेंस चोर सांसद का पुतला दहन करेगी। साथ ही सारण के डीएम और सिविल सर्जन पर भी कार्रवाई की मांग करते हैं।

उन्‍होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी के एंबुलेंस का विवाद नया नहीं है। वर्ष 2002 में सबसे पहले एंबुलेंस को लेकर विवाद हुआ था। उस समय के डीएम पंकज कुमार ने राजीव प्रताप रूडी के सभी एंबुलेंस को जब्त कर लिया था और रातों-रात अपने आवास पर खड़ा करवा लिया था। लोगों ने एंबुलेंस के निजी उपयोग की शिकायत जिलाधिकारी से की थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने जांच कराई तो मामला सत्य पाया और रातों-रात सभी एंबुलेंस को जब्त करवा लिया। इससे साफ जाहिर होता है कि राजीव प्रताप रूडी एमपी लैड फंड का दुरूपयोग कर उसकी आड़ में गैर कानूनी काम करवा रहे हैं। यही वजह है कि अब उनके एंबुलेंस से होने वाला एक और कांड उजागर हो गया।

LEAVE A REPLY