पटना के सभी नालों की तेजी से सफाई हो – केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का पदाधिकारियों को निर्देश

486
0
SHARE

केंद्रीय संचार, विधि एवं न्याय एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सह पटना साहिब सांसद रविशंकर प्रसाद ने आज पटना महानगर के नालों की सफाई और सम्प हाउस की ताजा स्थिति के बारे में नगर विकास सचिव आनंद किशोर, पटना नगर निगम के आयुक्त  हिमांशु कुमार और बुडको के प्रबंधक निदेशक रमन कुमार से दूरभाष से व्यापक चर्चा और समीक्षा की, प्रसाद ने तीनों पदाधिकारियों को यह स्मरण दिलाया कि पिछले वर्ष बरसात के कारण पटना की स्थिति भयावह हो गई थी और कई इलाकों में हफ्तों तक पटना के निवासी कई फीट तक ऊंचे जल-जमाव में फंसे रहे | उन्होंने तीनों वरिष्ठ पदाधिकारियों को ये निर्देश दिया कि आने वाली बरसात में इसकी पुनरावृति किसी भी कीमत पर नहीं हो,इसे सुनिश्चित किया जाए |

उन्होंनो पिछले वर्ष के सभी जलमग्न इलाको के व्यापक दौरे के अनुभव के आधार पर वरिष्ठ पदाधिकारियों को ये बताया कि नालों की सफाई का अभाव और पानी की निकासी करने वाले सम्प स्टेशनों के खराब स्थिति के कारण ये परिस्थिति बनी और इसकी पूरी चिंता की जाए |

वरीय पदाधिकारियों ने उन्हें बताया कि बड़े नालों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है और जल्दी ही इलाकों के छोटे नालों की सफाई का काम तेजी से शुरू होगा | केंद्रीय मंत्री प्रसाद ने नगर विकास सचिव और बुडको के प्रबंधक निदेशक को स्पष्ट कहा कि सभी सम्प स्टेशन की एक-एक कर जांच होनी चाहिए | जहां गड़बड़ियां हो वहां ठीक किया जाए विशेष रूप से डूब से अधिक प्रभावित इलाकों जैसे – राजेन्द्र नगर, कदमकुआं, कंकड़बाग, राजीव नगर, इंद्रपुरी, पटेल नगर, पोस्टल पार्क, पाटलिपुत्रा कॉलोनी, मीठापुर आदि इलाकों में स्थिति के अनुसार अलग से अतिरिक्त बड़े पम्पों की व्यवस्था अभी से सुनिश्चित की जाए |

सभी वरीय पदाधिकारियों रविशंकर प्रसाद को अभी तक की गयी तैयारियों से अवगत कराया और तेजी से जांच करने का आश्वासन दिया | रविशंकर ने उनसे स्पष्ट आग्रह किया कि वे लोग स्वयं भी क्षेत्र में खुद घूमकर किए गए कार्यो की जमीनी हकीकत का निरीक्षण करे ताकि बरसात के पहले सभी तैयारी पूरी हो सके |

रविशंकर प्रसाद ने पदाधिकारियों को ये स्पष्ट बताया कि लॉकडाउन खत्म होते ही पटना आकर स्वयं कार्यो की समीक्षा और पदाधिकारियों को ये विन्रमता से आगाह किया कि पटना की जनता को इस बरसात में फिर जल-जमाव का दंश नही झेलना पड़े |

LEAVE A REPLY